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पेटीएम ने कोरोना की दवा विकसित करने के लिए भारतीय शोधकर्ताओं को पांच करोड़ देने की बात कही है। पेटीएम के संस्थापक और सीईओ विजय शेखर शर्मा ने टवीट किया,हमें अधिक संख्या में भारतीय नवोन्मेषकों, शोधकर्ताओं की जरूरत है, जो वेंटिलेटर की कमी और कोविड के इलाज के लिए देशी समाधान खोज सकें। पेटीएम संबंधित चिकित्सा समाधानों पर काम करने वाले इन दलों को पांच करोड़ देगा। उन्होंने आईआईएससी के प्राध्यापक गौरव बनर्जी के एक संदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर कही। दरअसल बनर्जी ने अपने संदेश में किसी आपातकालीन स्थिति में देशी तकनीक का इस्तेमाल कर वेंटिलेटर बनाने की बात कही थी। बनर्जी ने अपने संदेश में कहा है कि उनकी एयरोस्पेस, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियर्स की एक छोटी टीम भारतीय सामग्री का इस्तेमाल कर एक वेंटीलेटर नमूना तैयार करने का प्रयास कर रही है।यह काम कोरोना वायरस को देखकर लिया जा रहा है।