कांग्रेस बाहर, बाकी अंदर



कांग्रेस बाहर, बाकी अंदर


सदन में विश्वास प्रस्ताव के दौरान मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया. कांग्रेस की ओर से किसी भी विधायक ने सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया जबकि बीएसपी के सभी 2 रामबाई और संजीव सिंह के अलावा एसपी के इकलौते विधायक राजेश शुक्ला सदन में मौजूद रहे. इनके अलावा दो निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा और विक्रम राणा भी सदन में मौजूद रहे. इन सभी विधायकों ने बीजेपी को अपना समर्थन दिया. बीजेपी को कुल 112 विधायकों का समर्थन मिला.

सोमवार को ही ली थी शिवराज ने शपथ


शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री बनने के एक दिन बाद ही सदन में अपना बहुमत साबित किया. इससे पहले 23 मार्च को बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में हुई विधायक दल की बैठक में शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल का नेता चुना गया था. विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद उन्होंने रात 9 बजे राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. बता दें कि शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही एक्‍शन मोड में आ गए. सबसे पहले उन्होंने कोरोना से निपटने की तैयारियों और स्वास्‍थ्य विभाग के इंतजामों को लेकर आधी रात को एक बैठक ली. इसके तुरंत बाद भोपाल और जबलपुर में कर्फ्यू लगाने के‌ निर्देश दिए. जिसके बाद भोपाल के कलेक्टर तरुण पिथौड़े ने आधी रात के बाद मंगलवार को भोपाल में कर्फ्यू के आदेश जारी कर दिए. जबलपुर में भी कर्फ्यू लगाया गया है.इस दौरान सभी दुकानें, सरकारी-गैर सरकारी दफ्तर और प्रतिष्ठान बंद रहेंगे.